मैंने चाय की प्याली (पहली) तो यूं ही निकाल ली थी और सोचा था कि अकेले बैठ कर पीऊंगाI मेरा सोचना गलत साबित हुआ; महाशक्ति, जितेन्द्र चौधरी , अरुण, mired mirage, ज्ञान दत्त, अरविंद, संजीव और नीरज मेरी की चुस्कियां लेने आ गयेI मेरे लिये कम्प्यूटर, इंटरनेट साल भर पहले त
क भैंस बराबर था I ब्लॉग, हिन्दी ब्लॉग तो मैं जानता ही नहीं था I कार्यालय व घर के विभिन्न कार्यक्रमों का निष्पादन करते हुए, बिना कोई व्यावसायिक प्रशिक्षण लिये, आप जैसी सहयोगी संस्थाओं के आशिर्वाद से आप को चाय की प्याली परोसने लायक हो गया हूंI
मेरे प्रथम प्रकाशित ब्लॉग लेखन पर मेरी हौसला अफजाई के लिये आप सब का हार्दिक धन्यवाद, यह आशा भी जन्म ले चुकी है कि भविष्य में आप मेरे साथ चाय, नाश्ता, दोपहर व रात का खाना ग्रहण करना पसंद करते रहेगेंI